बाल मजदूरी उन्मूलन एवं उनके पुनर्वास को दर्शाती टेलीफिल्म

बाल मजदूरी उन्मूलन एवं उनके पुनर्वास को दर्शाती टेलीफिल्म

'बाल श्रम उन्मूलन दिवस' व "अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस" पर बाल मजदूरी उन्मूलन एवं उनके पुनर्वास को दर्शाती टेलीफिल्म "कल के भविष्य"


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मोतिहारी , नरेन्द्र झा, वरीय संवाददाता। 30 अप्रैल को "बाल श्रम उन्मूलन दिवस" एवं 1 मई "अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस" के रुप में मनाया जाता है राज्य सरकार ने बाल श्रम उन्मूलन भी मुक्ति एवं पूर्ण आवास हेतु राज्य कार्य योजना को मंजूरी दी है जिसके अंतर्गत 14 वर्ष से कम उम्र के बाल श्रमिकों को भी मुक्त कराकर सरकार द्वारा उनका पुनर्वास किया जा रहा है। इसकी परिकल्पना बिहार के चर्चित फ़िल्म लेखक, अभिनेता व निर्देशक डा. राजेश अस्थाना ने वर्ष 2003 में ही करते हुए बाल मजदूरी उन्मूलन एवं उनके पुनर्वास को दर्शाती टेलीफिल्म "कल के भविष्य" का निर्माण कर उन तमाम बाल मजदूरों को समर्पित किया, जो जीवन पथ पर बाल मजदूरी करने को विवश हुए हैं।

महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा प्रशंसा पत्र प्राप्त टेलीफिल्म "कल के भविष्य" युवराज मीडिया एण्ड एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत है। यह प्रोडक्शन सामाजिक सरोकारों से जुड़ी समस्या और समाधान हेतु लब्धप्रतिष्ठित संस्था के रूप में प्रसिद्ध है।


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डा. राजेश अस्थाना द्वारा लिखित अभिनीत एवं निर्देशित, निर्माता सीमा रानी की फ़िल्म "कल के भविष्य" में तीन आईएएस अधिकारी रवि परमार मनुभाई, भरत कुमार दुबे, अजय कुमार पाण्डेय, एक आईपीएस डा. कमल किशोर सिंह, छः बीपीएस पदाधिकारी डी एन मेहता डीडीसी, गणेश प्रसाद एडीएम, बिहारी दास एसडीओ के अलावे युवराज, संध्या रानी, धामा वर्मा, डी आनंद, स्व. अरविंद पाठक, पप्पू गुप्ता, सुधीर कुमार, सम्राट,अभिनव आकर्ष समेत दर्ज़नों कलाकारों ने अभिनय किया है। फ़िल्म के छायाकार एस के मन्नू, संपादन रौशन जमाल, संगीत सत्यजीत शरण तथा निर्माण सहयोग तत्कालीन जिलाधिकारी एस शिवकुमार आईएएस का है। फ़िल्म की सम्पूर्ण शूटिंग मोतिहारी और आसपास हुई है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बाल मजदूरी उन्मूलन एवं उनके पुनर्वास को दर्शाती टेलीफिल्म "कल के भविष्य" से हुई कमाई से मोतिहारी के दर्ज़नों बाल मजदूरों के अभिभावकों को स्वरोजगार कराया गया जो आज भी मिशाल है।


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इस दिवस पर डा. अस्थाना ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नियोजित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान है और आज बाल श्रम उन्मूलन दिवस के अवसर पर राज्य के सभी नागरिकों से अपील है कि वे यह संकल्प ले कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से काम नहीं लेंगे उन्हें विद्यालय भेजने तथा पढ़ने लिखने हेतु प्रोत्साहित करेंगे तथा अपना समर्थन एवं सहयोग देकर बाल उन्मूलन अभियान को सफल बनाएंगे।