सरकार ने झोकी ताकत, दरभंगा - नरकटियागंज रेल खंड अब होंगे मेन लाइन, कवायद हुई तेज,

सरकार ने झोकी ताकत, दरभंगा - नरकटियागंज रेल खंड अब होंगे मेन लाइन, कवायद हुई तेज,
  • 86 साल, 21 दिन, यानी 31 हजार, चार सौ 33 दिन के बाद केंद्र सरकार ने ली नोटिस
  • 7 अगस्त 1934 को अयी थी विध्वंश करी भूकंप
  • 1934 के बाद मेन रेल लाईन से कटा था, दरभंगा - नरकटियागंज रेल खंड,


सीतामढ़ी :- रेलवे को लेकर अब तक लूप लाईन के भरोसे रहने वाले दरभंगा - नरकटियागंज रेल खंड के बीच रह रहे लोगो के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब इस लूप लाईन रेल खंड को मेन लाइन में बदलने की तरकीब भारत सरकार ने शुरु कर दिया है। नरकटियागंज - रक्सौल - सीतामढ़ी - दरभंगा  रेल खंड के बीच बसे लोगो के लिए रेलवे के तरफ से एक बड़ी खुशखबरी सामने आने लगी है।


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सन 1934 में आई प्रलयकारी भूकंप के बाद दरभंगा - गोरखपुर वाया सीतामढ़ी, रक्सौल, और नरकटियागंज रेल खंड से नार्थ ईस्ट रेलवे पूरी तरह कट चुकी थी। लेकिन तत्कालीन भारत सरकार यानी नरेंद्र दामोदर दास मोदी की सरकार ने नरकटियागंज - दरभंगा वाया सीतामढ़ी होते हुए नर्थेइस्ट को जोड़ने की प्रयास पर काम कर रही है।

 जिसपर खर्च होने वाली एक निश्चित राशि 319.38 लाख की राशि भी उपलब्ध कराई है। और कार्य को युद्धस्तर पर पूरा करने की आदेश भी दिया गया है। इस कार्य को लेकर भारतीय रेलवे अपनी नई टीम तैयार करने में पूरी तरह जुट चुकी है।


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बताते चके की वर्ष 1934 में आई विध्वंश करी भूकंप के बाद दरभंगा, सीतामढ़ी, रक्सौल और नरकटियागंज रेलवे के मेन लाइन से पूरी तरह कट गई। उसके बाद यह रेलखंड लूप लाइन रेल खंड बन कर रह गई थी। इस रेल खंड को मिलने वाली सुविधा बंद कर दिया गया था। यानी अत्यंत पिछड़ा रेलखंड के नाम से यह चिन्हित होने लगी थी। जिस कारण इस रेलखन कि कोई भैलू नहीं थी। जिसे श्री मोदी सरकार ने डबलिंग करते हुए इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी तोहफा देने की काम किया है।

जैसे ही नरकटियागंज - दरभंगा के बीच रेलवे कि दोहरी कारण पूरा होगा। तब तक  दरभंगा बाईपास रेलखंड तैयार जोजवेगी। जो सकरी और निर्मली से जुड़ जावेगी तब वर्ष 1934 के बाद पहली बार यह रेल खंड मेन लाईन से जुड़ जाएगी। तब नॉर्थ ईस्ट से दिल्ली को जाने वाली ट्रेन दरभंगा से वाया सीतामढ़ी - रक्सौल - नरकटियागंज के रास्ते पनियहवा, गोरखपुर के रास्ते दिल्ली चली जाएगी। जिसके लिए दरभंगा से बाईपास रेल खंडका निर्माण निर्मली तक किया जा रहा है।


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जानकारी के अनुसार नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी और दरभंगा छोटी रेल लाइन होने के बाबजूद भी कभी नार्थ ईस्ट के लिए मेन लाईन हुआ करती थी। वर्ष 034 में आई विध्वंश कारी भूकंप ने कोशी और गंडक पर मौजूद पुल ध्वस्त हो गई। जिसके के बाद नार्थ ईस्ट से यह रेल खंड पूरी तरह कट ।
सन 1989 में वी पी सिंह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय मोर्चा की सरकार में जार्ज फर्नांडिस रेल मंत्री बने। तब इनके कार्य काल में उत्तरप्रदेश के बाल्मीकि नगर पनियहवा के पास गंडक नदी पर रेल पुल का निर्माण किया गया तब जाकर लोग रेल द्वारा गोरखपुर जा सके।

उसी तरह कोशी नदी पर उपलब्ध रेल पुल प्रलायांक करी बाढ़ के चपेट मेे आने से ध्वस्त हो गया था, और नॉर्थ ईस्ट इस रूट से कट गई। जिस जोड़ने के लिए दरभंगा बाईपास रेल खंड की निर्माण हो रही है। जो सीधा निर्मली को जोड़ती है। इसे पूरा होने के बाद दरभंगा - गोरखपुर वाया नरकटियागंज, रक्सौल - सीतामढ़ी मेन लाईन में कनवर्ट हो जावेगी। तब नार्थ ईस्ट से दिल्ली वाया दरभंगा - सीतामढ़ी - रक्सौल और नरकटियागंज के रास्ते गोरखपुर बहुत


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