बिहार में 10 जिलों के बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिलेंगे 6-6 हजार रुपये, लिस्ट तैयार करने का आदेश

बिहार में 10 जिलों के बाढ़ प्रभावित परिवारों को मिलेंगे 6-6 हजार रुपये, लिस्ट तैयार करने का आदेश

रजनीश कुमार उर्फ मिठु गुप्ता की रिपोर्ट


यह भी पढ़े : बनकटवा:- भारत नेपाल सीमा पर तैनात बरहरवा एसएसबी के जवानों ने 720 बोतल नेपाली कस्तूरी शराब के साथ एक तस्कर को किया गिरफ्तार।


बिहार में मौजूदा बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ग्रस्त इलाकों के हरेग प्रभावित परिवार को सरकार की ओर से छह-छह हजार रुपये दिए जाएंगे.साथ ही साथ बाढ़ के कारण जिनका कच्चा-पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है या जिनकी फसल बर्बाद हुई है, सरकार उन्हें भी सहायता राशि देगी.

इसके साथ ही मवेशियों का नुकसान होने पर भी सरकार सहायता देगी.बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता पहुंचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलों को अविलंब सूची तैयार करने को कहा है. विभाग ने कहा कि सभी बाढ़ग्रस्त इलाके के सभी परिवारों को 6 हजार की सहायता राशि तुरंत दी जाएगी.


यह भी पढ़े : जिलाधिकारी एस के अशोक के द्वारा नदीं में डूबे मृतक के परिवार वालों को 4 लाख कि चेक दिया गया..।


 


यह भी पढ़े : भाई के समर्थन में चिराग एवं प्रिंस ने रोसड़ा में चुनावी सभा को किया संबोधित

प्रभावितों के नाम-पता के साथ अकाउंट नंबर भी लिया जाएगा. राहत निधि के 6000 रुपये सीधे प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार के बैंक खातों में जमा किया जाएगा.बिहार में अभी 10 जिले- सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, खगड़िया, पूर्वी व पश्चिमी चम्पारण बाढ़ से प्रभावित हैं.

इन जिलों में अभी 6.36 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है. इन प्रभावितों को सहायता देने के लिए आपदा प्रबंधन ने लोगों की पहचान कर उनकी सूची बनाने का निर्देश जिलों को दिया है.विभाग ने कहा है कि बाढ़ग्रस्त इलाके के सभी परिवारों को सहाय्य अनुदान यानी जीआर मद में 6 हजार रुपए दिए जाने हैं.


यह भी पढ़े : अपनी कला और हुनर का जौहर दिखा दिव्यांग बच्चो ने लोगो को चौक दिया, विजेता बने बच्चो को पुरस्कृत किया गया।

 

 


यह भी पढ़े : मकर संक्रांति पर शशांक शेखर ने जरूरतमंदों को कंबल देकर कराया भोजन

इसके लिए प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की जाए। सूची तैयार करते समय प्रभावितों का नाम-पता के साथ ही बैंक खाता भी लिया जाएगा. प्रभावितों को 6 हजार नकदी सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित होगी ताकि कोई बिचौलिया बीच मे न आये.