एसडीएम सिकरहना से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण, मामला पद के दुरूपयोग का

एसडीएम सिकरहना से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण, मामला पद के दुरूपयोग का

मोतिहारी। जिलाधिकारी के आदेश का अवहेलना करते हुए बनकटवा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का प्रभार ढाका एम ओ को देने के मामले में डीएम ने एसडीएम सिकरहना से स्पष्टीकरण पूछा है। बताते हैं कि कोरोना संक्रमण से उत्पन्न परेशानियों को देखते हुए डीएम ने स्थानीय स्तर पर बीडीओ बनकटवा को आपूर्ति विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था।


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चूंकि वहां किसी एम ओ की पदस्थापना नहीं थी इसलिए दूसरे प्रभार में काम कर रहे थे।दो तीन जगहों के अतिरिक्त प्रभार के कारण बनकटवा में उपभोक्ताओं को राशन व्यवस्था में परेशानी झेलनी पड़ रही थी।जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई । जानकारों का मानना है कि इस दरम्यान एसडीएम साहब को तय शुदा उपरी कमाई नहीं हो रही थी।

जिसके छटपटा में उन्होंने ने अपने वसूली के मास्टर माइंड मोहम्मद उमर की सलाह पर डीएम के ही आदेश को रद्द कर अपने एम ओ को प्रभार दे दिया। जानकारों का यह भी कहना है कि अगर प्रभार ही देना था तो निकटतम प्रखंड के एम ओ को दिया जाना चाहिए था। ढाका को बनकटवा और घोड़ासहन को चिरैया प्रखंड का प्रभार कहीं से भी उचित नहीं है।ये सारी बातें आपूर्ति विभाग के जानकार या फिर उससे जुड़े लोग चर्चा में ले रखा है।


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बहरहाल, एसडीएम सिकरहना के सामने ऐसे स्पष्टीकरण के मामले का कोई विशेष महत्व नही होगा क्योंकि उनके पास डीएम के दर्जनों आदेश निर्देश महीनों से धूल फांक रहे हैं। जानकारी के अनुसार डीएम के ज्ञापांक41दिनांक 11,4,2020 के आधार पर बीडीओ बनकटवा को प्रभार मिला।

जिसे बिना डीएम के निर्देश के एसडीएम सिकरहना ने अपने पत्रांक216 दिनांक 9,6,2020 के माध्यम से निरस्त कर ढाका एम ओ को प्रभार दे दिया। वैसे डीएम ने एसडीएम के इस व्यवहार को स्वेचछाचारिता एवं अधिकार के प्रतिकूल मानते हुए 24 घंटों के भीतर जबाव देने को कहा है।


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